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दुर्ग

“सशक्त एप” बना वाहन चोरों के लिए काल, लगातार हो रही चोरी के वाहनों की बरामदगी

दुर्ग | 5 दिसंबर 2025 को स्मार्ट पुलिसिंग के तहत “सशक्त एप” लॉन्च किया गया था। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज राम गोपाल गर्ग ने वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इसे विकसित किया, जिससे चोरी हुए वाहनों की पहचान और बरामदगी अत्यंत सरल हो गई है।

पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर के मार्गदर्शन, नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग चिराग जैन एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर सत्यप्रकाश तिवारी एवं नोडल अधिकारी सशक्त एप उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय के नेतृत्व में लगातार कार्रवाई जारी है।

आज 31.1.2025 को जिला दुर्ग पुलिस द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान में सुपेला पुलिस पेट्रोलिंग टीम एवं पदमनाभपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान—

आकाश गंगा सुपेला में पैट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध रूप से खड़ी हीरो होंडा पैशन प्लस का इंजन व चेसिस नंबर “सशक्त एप” में चेक किया गया, जो सुपेला थाना क्षेत्र से चोरी होना पाई गई और तत्काल बरामद कर ली गई। जिसमे आरक्षक सूर्या प्रताप सिंह एवं दुर्गेश सिंह को महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पदमनाभपुर धनौरा के पास खड़ी बाइक साइन का इंजन व चेसिस नंबर चेक करने पर पता चला कि यह उतई थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। इसे भी तुरंत बरामद कर लिया गया। जिसमे आरक्षक ऋतुराज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

  • अब तक 14 चोरी हुए वाहन बरामद।
  • 880 से अधिक पुलिसकर्मी इस एप का कर रहे उपयोग।
  • हर दिन चल रहे तलाशी अभियान से वाहन चोरों पर शिकंजा।
  • चोरी हुए वाहनों की पहचान अब सिर्फ एक क्लिक में संभव।
  • “सशक्त एप” से पुलिसिंग कार्य में आई तेजी, अपराध नियंत्रण में मिल रही शानदार सफलता।
  • 880 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी इस एप का कर रहे नियमित उपयोग।
  • रोजाना चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन से वाहन चोरों की मुश्किलें बढ़ीं।
  • “सशक्त एप” से मिली नई गति, दुर्ग पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग को मिला नया आयाम

“सशक्त एप” के माध्यम से चोरी हुए वाहनों की त्वरित पहचान और बरामदगी से पुलिस कार्यवाही पहले से अधिक सटीक, तेज और प्रभावी हो गई है।

इस टेक्नोलॉजी की मदद से दुर्ग पुलिस अपराधियों के खिलाफ मजबूत रणनीति बना रही है, जिससे आने वाले समय में वाहन चोरी पर पूरी तरह से लगाम लगाने में सफलता मिलेगी।

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